जब एक शेयर बाजार दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है और हर कोई बेच रहा है, तो वास्तव में कौन खरीदने को तैयार है?

जब कोई भी शेयर या इंडेक्स बुरी तरह गिर रहा होता है, तब खरीदने वालों से ज्यादा बेचने वाले होते हैं, यह बात सच है। लेकिन ऐसे समय में भी कौन खरीद रहा होता है, आइये जानते हैं।

  1. ऐसे शार्ट सेलर्स, जिन्होंने ऊंचे दामों पर शेयर बेचे हों, या शार्ट किये हों, प्रॉफिट बुक करने के लिए वह खरीदते हैं।
  2. स्केलपर : ऐसे ट्रेडर जो 50 पैसे, 1 रुपये जैसे छोटे छोटे मुनाफे खींचने में माहिर होते हैं। जैसे, एक स्टॉक 500 रुपये से 450 रुपये तक गिरा 1 घंटे में।
    इस गिरावट में एक स्केलपर 20–25 बार ट्रेड कर लेगा। 500 पर बेचेगा 495 पर खरीद लेगा। फिर 492 पर बेचेगा 488 या 489 पर खरीद लेगा। स्केलपर ट्रेडर ऐसे समय में बहुत ज्यादा खरीदते और बेचते हैं।
  3. निवेशक : जिन्होंने किसी समय पर निवेश किया था, अब वह हर प्राइस पॉइंट पर निकलने की कोशिश करेंगे। लेकिन, कुछ ऐसे भी हैं, जो गिरावट के दौरान और ज्यादा खरीदने की कोशिश करते हैं ताकि उनका एवरेज बाइंग प्राइस कम हो जाए।
  4. कंपनी की मैनेजमेंट : हर कंपनी के पास एक इमरजेंसी फंड होता है, जिसका इस्तेमाल वह ऐसी परिस्थितियों में करते हैं। जब कंपनी के शेयर के दाम गिर रहे होते हैं, तो कंपनी के लोग शेयर को खरीदकर इसे गिरने से रोकने की कोशिश करते हैं।

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